Buzzing Buzm
Wednesday, April 11, 2012
यादें तो उनकी आती हैं ,
जो ज़हन से मिटने की गुंजाईश रखते हैं ,
आपको जो याद मेरी आई ,
इस एह्सास का मैं क्या मतलब निकालूँ ??
Monday, April 9, 2012
तन्हाई में अकेले रहे तो क्या बात थी
मज़ा तो महफिलों में जुदाई का गम पीने मैं है
Friday, February 17, 2012
कभी कभी ज़िन्दगी से उकता कर साँसें रोक लेते हैं
ये सोच कर फिर जीना शुरु करते हैं की मर कर भी किसकी रूह को सुकून दे पाएँगे
Sunday, January 8, 2012
Nocturnal Criminal
कुछ बातें शाम की तन्हाई में शुरू होती हैं , रात के अँधेरे में ढल जाने के लिए
दिन में जिनका कोई जवाब नही होता , और रात में उनपर कोई सवाल नही उठता !
Thursday, January 5, 2012
कुछ ख्वाब सुलगे होते हैं ,जिन्हें हम दिल में दबाये रखते हैं
आज लिख देंगे उन्हें एक कागज़ पर ,क्या पता उड़ के वो पैगाम पहुँच जाये अपनी मंजिल तक!
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