Buzzing Buzm
Friday, February 17, 2012
कभी कभी ज़िन्दगी से उकता कर साँसें रोक लेते हैं
ये सोच कर फिर जीना शुरु करते हैं की मर कर भी किसकी रूह को सुकून दे पाएँगे
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