Friday, February 17, 2012

कभी कभी ज़िन्दगी  से उकता कर साँसें  रोक लेते हैं
ये सोच कर फिर जीना शुरु करते हैं की  मर कर भी किसकी रूह को सुकून दे पाएँगे 

Sunday, January 8, 2012

Nocturnal Criminal


                               कुछ बातें शाम की तन्हाई में शुरू होती हैं , रात के अँधेरे में ढल जाने के लिए

                          दिन में जिनका कोई जवाब नही होता , और रात में उनपर कोई सवाल नही उठता !

Thursday, January 5, 2012



कुछ ख्वाब सुलगे होते हैं ,जिन्हें हम दिल में दबाये रखते हैं
आज लिख देंगे उन्हें एक कागज़ पर ,क्या पता उड़ के वो पैगाम पहुँच जाये अपनी मंजिल तक!